गुरुवार, 30 जुलाई 2020

दांतों की परी (परियों की कहानी)

                             




         मिंकी एक 6 साल की लड़की थी! वह अपने बिस्तर पर अपने मां के बाजू से सो रही थी और उसकी मम्मी उसको परियों की कहानी सुना रही थी!  
मिंकी बोलती है मां के सच में परियां होती है? 
उसकी मां बोलती है हाथी पर परियों को सिर्फ अच्छे बच्चे पसंद होते हैं  परी कभी बुरे बच्चों के सामने नहीं आती तो तुम्हें कभी शैतानी नहीं करनी  क्योंकि परियां हमेशा तुम्हें देखती रहती है चलो अब सो जाओ मिंकी
अगले दिन सुबह   मिंकी अपनी बहन पिंकी के साथ टेबल में बैठकर  खिलौनों से खेल रही थी वही उसकी मां बैठी होती है और वह बोलती हैं पिंकी गुड़ियों से खेलना बंद करो और मिंकी जल्दी से अपना एप्पल खा लो 
मिंकी कहती है मुझे भूख नहीं है मां नहीं पीना मुझे 
उसकी मां बोलती है तुम अच्छी बच्ची हो ना जल्दी से  खा लो नहीं तो परिया नहीं आएंगी  
मिंकी बोलती है अगर मैंने यह एप्पल खा लिया तो परियां  आएंगी
मां बोलती है तुम अगर एप्पल खाओ गी नहीं तो कैसे पता चलेगा
मिल्की जल्दी से फल खाना शुरु कर देती और अचानक जोर से रोने लगती है और कहती है देखो मां मेरा दांत टूट गया अब मैं इसे अपने तकिए के नीचे रख दूंगी और फिर दांतों की परी आ जाएगी 
 अपना दांत लेकर अपने कमरे  की ओर भागती है
 मां बोलती है मिंकी जल्दी सो जाना नहीं तो दांतों की परी नहीं आएगी
 मां जैसे ही दरवाजा बंद करती है तो रोशनी की किरण खिड़की से अंदर आती हैं
 मिंकी तकिए के नीचे रखा अपना दांत  देखती है और सो जाती है
 कुछ देर बाद  मिंकी की नींद किसी आवाज के कारण खुल जाती है और वह आंख खोल कर देती है कि उसके सामने एक बहुत सुंदर परी थी जिसमें सफेद रंग की गाउन पहन रखी थी और उसके हाथ में उसकी जादुई छड़ी थी और वह  मिंकी के सामने उड़ रही थी
 मिंकी पूछती है क्या तुम  दांतों की परी हो
 परी कहती है  हां मिंकी मैं ही दांतो की परी हूं तुम एक अच्छी लड़की हो इसीलिए मैं तुम्हारे दांत लेने आई हूं और तुम्हें गिफ्ट देने आई हूं क्या चाहिए  मिंकी तुम्हें 
मिंकी कहती है मुझे परियां बहुत पसंद है क्या तुम मुझे भी एक परी बना सकती हो
 परी कहती है हां बिल्कुल आबरा का डाबरा
 मिंकी एक छोटी परी में बदल जाती है
  मिंकी कहती है वाह धन्यवाद
 दांतों वाली परी कहती है चलो मिंकी हम बादलों में चलते हैं जैसे दूसरी परियां उड़ती हैं
  परी  मिंकी का हाथ पकड़ती है और वह उड़ते उड़ते खिड़की से निकल कर बादलों के पीछे पहुंच जाती हैं उनकी को बहुत मजा आ रहा था और वह हंसे जा रही थी कुछ टाइम बाद वह लोग फिर से घर के अंदर आ जाते
 दांतों की परी कहती है बाय  मिंकी अच्छी बच्ची की तरह रहना तुम
 मिंकी कहती है अब आप वापस कब आओगी
 तो दांत वाली परी कहती है जब तुम्हारे पास  दांत होगा
  मिंकी के दांत टूटते हैं और वह  परी से मिलती है और बादलों की सैर करने जाती है
 एक दिन मिल की टेबल पर बैठकर अपने दांतो को हिला रही थी
 ऐसा करते हुए उसकी मां ने देख लिया तो उसकी मां कहती है नहीं मिंकी ऐसा नहीं करो
 मिंकी कहती है मां मुझसे इंतजार नहीं हो रहा मुझे दांतों की परी से मिलना है
 उसकी मां थोड़ा सा हस्ती है
 मिंकी की  बहन पिंकी का दांत एक दिन टूट जाता है
  पिंकी भी अपना दांत तकिए के नीचे रख देती है लेकिन मिंकी चुपके से उसका दांत अति के नीचे से निकाल लेती है और अपने तकिए के नीचे रख लेती है अचानक वह उठती है और आईने के सामने जाकर देखती है किसके साथ गायब हो चुके यह देखकर वह रोने लगती है  दांतों की परी आ जाती है
 परी कहती है क्या हुआ  मिंकी क्यों रो रही हो
 मिंकी रोते रोते हुए कहती है क्योंकि मेरे सारे दांत गायब हो गए हैं अब सब मेरा मजाक उड़ाएंगे
 तो परी कहती हैं मैंने कहा था तुम कभी शैतानी मत करना तो फिर तुम शैतान बच्ची क्यों बनी यह तुम्हारी सजा है तुमने पिंकी का दांत चुराया है
  मिंकी कहती है मुझे माफ कर दो
 परी पूछती है क्या तुम फिर से ऐसा करोगी
 मिंकी कहती है नहीं नहीं अब मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी
 तो दांतों की परी कहती है मुझे तुम पर भरोसा है
 फिर परी अपनी जादुई छड़ी  चलाती हैं और मिंकी के दांत फिर से वापस आ जाते हैं पिंकी भी उठ जाती है और आकर वह परी को गले लगाती है
 परी कहती है बच्चों में तुम्हें परियों की तरह  उड़ाती हूं 
 और तीनों आसमान में उड़ जाते हैं
 आज की कहानी यहीं खत्म होती है अगर आपको अच्छा लगा तो कमेंट करके जरूर बताइए

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