शास्त्री जी ने इस किस्से को ख़त्म किया

लाल बहादुर शास्त्री - कद छोटा काम बड़े बड़े 





ये कहानी  है लाल बहादुर शास्त्री जी की। आप लोग यह तो जानते ही होंगे की लाल बहादुर शास्त्री जी एक साधारण जिंदगी जीने वाले इंसान थे।

आज मैं आपको उनके बारे में एक ऐसी बात बताने वाला हूँ। जो आप नहीं जानते होंगे।

जब भी लाल बहादुर शास्त्री जी किसी भी काम को करते थे। वे अपने आस – पास के लोगो से राय जरूर लेते थे। वह यह नहीं देखते थे की यह नौकर है या कोई सहयोगी है।

दूसरे लोग यह देखकर सोचते थे की इतने बड़े देश का प्रधानमंत्री, जिसके पास सलाहकार है, फिर भी वह आम लोगो से सलाह क्यों लेते है।

एक दिन शास्त्री जी के पास बड़ा मुद्दा आया और उन्होंने इसे हल करते समय अपने नौकर की सलाह ली। यह देखकर एक सलाहकार बोला – सर आप एक बात बताइये।

आप देश – विदेश के मुद्दों पर चर्चा कर रहे होते है और एक नौकर से पूछ लेते है।

यह नौकर आपको क्या सलाह देगा। यह तो ज्यादा पढ़ा लिखा भी नहीं है। शास्त्री जी मुस्कुराते हुए बोले – मैं तुम्हे एक छोटा सा किस्सा सुनाता हूँ। उसके बाद तुम सब समझ जाओंगे।

यह किसा है न्यूटन का, जिसके दिमाग और बुद्धि की तारीफ़ आज भी की जाती है। उनके पास एक बिल्ली थी और उस बिल्ली ने दो बच्चो को जन्म दिया।

उन बच्चो और बिल्ली को जब भी घर से बाहर जाना होता था। तब वे दरवाजे के पास जाकर उछल – कूद करने लगते थे।
एक दिन न्यूटन ने अपने नौकर को बुलाया और उससे कहा – इस दरवाजे में दो छेद कर दो। एक बड़ा बिल्ली के निकलने के लिए और एक छोटा, बच्चो के निकलने के लिए।

यह सुनकर नौकर बोला – हमे दो छेद करने की जरूरत नहीं है। बड़े ही छेद से बिल्ली भी निकल जायेगी और बच्चे भी।

यह सुनकर न्यूटन उस नौकर का मुँह देखते रह गए और सोचने लगे की यह बात उनके दिमाग में क्यों नहीं आयी।

जैसे ही शास्त्री जी ने इस किस्से को ख़त्म किया। वह सलाहकार सब कुछ समझ गया।

दोस्तों इस कहानी  से मैंने यह समझा  की इस दुनिया में हर इंसान बुद्धिमान होता है लेकिन अगर आप एक मछली को इस बात से जज करेंगे की वह पेड़ पर नहीं चढ़ सकती तो आप गलत कर रहे है।

जिंदगी में हर इंसान की कीमत होती है। हर इंसान के अंदर ऐसे गुण होते है। जिनके दम  पर वह इस दुनिया को बदल सकता है इसलिए किसी भी इंसान को कम मत समझो।  | बड़ा बनना है तो शास्त्री जी  की यह  बात मान लो

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