"60 गांव बकरी ने चरे" पुरानी कहावत का खुलासा - Entertainment House - A Junction of Jokes, Moral Story, daily News

"60 गांव बकरी ने चरे" पुरानी कहावत का खुलासा

पुराने ज़माने की कहानियों से बहुत कुछ ज्ञान की बाते भी रहती थी।  जो की हमारे स्कूल शिक्षा से पूरी नहीं होती। किताब के ज्ञान के साथ - साथ दुनियादारी का भी ज्ञान होना बहुत जरुरी है।
अपने बच्चो को ये सब कहानियाँ जरूर पढ़ के सुनाये "रोचक कहानियाँ " 


प्राचीन समय की बात है
        पहले  राजा  शिकार के बहुत  शौकीन हुआ करते थे।  एक बार शिकार खेलने गया। जंगल में जानवर का पीछा करते-करते अपने साथियों से बिछड़ गया।

रात हो गई। भूखा प्यासा राजा किसी तरह एक किसान के दरवाजे पर पहुंचा। किसान राजा को क्या जाने ? किसान ने मेहमान समझकर उसे बैठाया, पानी पिलाया। कुछ देर बाद भोजन बनाकर खिलाया। उसके सोने के लिए बिस्तर लगाया।

राजा किसान से बहुत खुश हुआ। अगले दिन राजा चलने लगा, तो उसने एक पत्ता उठाया।  किसान के नाम 60 गांव लिख दिए। किसान को बताया तो वह फूला ना समाया । राजा अपनी राह चला गया।

किसान की थी एक पालतू बकरी । बकरी वहां आई और झट से उस पत्ते को चबा लिया। किसान जब तक उसे रोकता , पत्ता बकरी के पेट में पहुंच चुका था। अब किसान करे तो क्या करें ? 😞वह किसी तरह रोता कलपता राज महल पहुंचा ।

दरबारी उस गवार को अंदर नहीं आने दे रहे थे । बहुत हाथ पांव जोड़ने पर राजा तक पहुंच पाया। राजा ने देखते ही उसे पहचान लिया। राजा कुछ पूछते तभी
किसान चिल्ला कर बोला -"माई बाप मैं बर्बाद हो गया 60 गांव बकरी ने चबा लिए।"

आसपास के लोग हैरान होकर गांव और किसान को देख रहे थे कि क्या बकता है। लेकिन राजा समझ गया। उसने तांबे के टुकड़े पर खुदवा कर उसे दोबारा आदेश पत्र दिया। किसान को गांव का पक्का मालिक बना दिया।

तब से किसान का बड़ा नुकसान होने पर लोग कहते हैं 60 गांव बकरी ने चर लिए।

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